धर्म
Trending

गुरु खुशवंत साहेब के नेतृत्व में गांव-गांव गूंजा ‘मनखे-मनखे एक समान’, समोदा में डॉ. रमन सिंह ने बढ़ाया कांवड़ियों का उत्साह

बारिश में भी नहीं थमे कांवड़ियों के कदम, 71 किमी की सामाजिक सद्भाव यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

चमन प्रकाश केयर (कुर्रे)

आरंग/रायपुर। माता कौशल्या की पुण्यधरा चंदखुरी से बाबा बागेश्वरनाथ की नगरी आरंग तक निकाली जा रही तीन दिवसीय सामाजिक सद्भाव विशाल कांवड़ यात्रा के दूसरे दिन भी श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। कैबिनेट मंत्री एवं युवराज गुरु खुशवंत साहेब के नेतृत्व में हजारों कांवड़िए बारिश के बीच भी पूरे उत्साह के साथ यात्रा में आगे बढ़ते रहे। 71 किलोमीटर लंबी इस यात्रा का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ समाज में एकता, समरसता, भाईचारे और समानता का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है।

दूसरे दिन की यात्रा ग्राम नारा से प्रारंभ हुई। इसके बाद कांवड़ियों का कारवां भानसोज, जरोद मोड़, छतौना बस्ती, फरफौद, गुखेरा, परसकोल, गुमा, कोसरंगी मोड़, बाना और बनरसी होते हुए समोदा पहुंचा। यात्रा के मार्ग में जगह-जगह ग्रामीणों और नागरिकों ने कांवड़ियों का आत्मीय स्वागत किया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए जलपान और अन्य व्यवस्थाएं भी की गईं। गांव-गांव से मिल रहे जनसमर्थन ने यात्रा को एक बड़े सामाजिक अभियान का स्वरूप दे दिया।

बारिश भी नहीं रोक सकी कांवड़ियों के कदम

दूसरे दिन मौसम ने भी यात्रा की परीक्षा ली। बारिश के बावजूद कांवड़ियों के कदम नहीं रुके। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवा और विभिन्न समाजों के लोग यात्रा में शामिल रहे। आस्था और सामाजिक सद्भाव के संकल्प के साथ कांवड़िए लगातार आगे बढ़ते रहे। यात्रा के दौरान ‘बोल रहा अब हिंदुस्तान, मनखे-मनखे एक समान’ का जयघोष वातावरण में गूंजता रहा।

यात्रा में शामिल लोगों का कहना था कि यह केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और आपसी भेदभाव दूर करने का संदेश देने वाला अभियान है। अलग-अलग वर्गों और समाजों के लोगों की सहभागिता ने यात्रा के सामाजिक स्वरूप को और मजबूत किया।

समोदा में हुआ भव्य संध्याकालीन आयोजन

दूसरे दिन का प्रमुख आकर्षण समोदा में आयोजित संध्याकालीन कार्यक्रम रहा। यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने सामाजिक सद्भाव विशाल कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और कांवड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

समोदा में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में लोक कला एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, श्रद्धालु, सर्व समाज के प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

‘यह सिर्फ कांवड़ यात्रा नहीं, सामाजिक एकता की यात्रा है’ : डॉ. रमन सिंह

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि यह सिर्फ कांवड़ यात्रा नहीं, बल्कि सामाजिक एकता की यात्रा है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा इसलिए विशेष है, क्योंकि परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा के संदेश ‘मनखे-मनखे एक समान’ को लेकर मंत्री एवं गुरु खुशवंत साहेब इस यात्रा का नेतृत्व कर रहे हैं।

उन्होंने यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इसके लिए पूरा आरंग विधानसभा क्षेत्र बधाई का पात्र है। डॉ. रमन सिंह ने सामाजिक सद्भाव की इस पहल के लिए गुरु खुशवंत साहेब को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

सामाजिक समरसता का जनअभियान है कांवड़ यात्रा : गुरु खुशवंत साहेब

कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि सामाजिक सद्भाव विशाल कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था से जुड़ी यात्रा नहीं है, बल्कि यह सामाजिक एकता, समरसता और भाईचारे का जनअभियान है। यात्रा के माध्यम से समाज में मौजूद भेदभाव और दूरियों को समाप्त कर प्रेम, अपनत्व और समानता की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ‘बोल रहा अब हिंदुस्तान, मनखे-मनखे एक समान’ का विचार ही समरस और मजबूत समाज की आधारशिला है। यात्रा के दोनों दिनों में बारिश के बावजूद जिस तरह हजारों कांवड़ियों के कदम लगातार आगे बढ़ रहे हैं, वह सामाजिक सद्भाव के प्रति लोगों की प्रतिबद्धता और उत्साह को दर्शाता है।

गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि गांव-गांव से मिल रहा जनसमर्थन इस अभियान को और मजबूती प्रदान कर रहा है। यात्रा में विभिन्न समाजों और वर्गों की भागीदारी यह संदेश दे रही है कि सामाजिक एकता और भाईचारे के लिए सभी को मिलकर आगे बढ़ना होगा।

गांव-गांव में दिखी सामाजिक एकता की तस्वीर

यात्रा के दौरान अलग-अलग गांवों में कांवड़ियों के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कहीं पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया तो कहीं श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई। ग्रामीणों की सहभागिता ने यात्रा को जन-जन से जोड़ दिया।

कांवड़ यात्रा में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सद्भाव और समानता का संदेश प्रमुखता से दिखाई दिया। युवाओं की बड़ी भागीदारी ने यात्रा में नई ऊर्जा का संचार किया। बारिश के बीच भी कांवड़ियों के जयघोष और भक्ति गीतों से पूरा मार्ग भक्तिमय बना रहा।

विभिन्न जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक रहे मौजूद

समोदा में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा, छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन दास महाराज, समोदा नगर पंचायत अध्यक्ष छोटे सोनकर, आरंग नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन, भाजपा के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधिगण, सर्व समाज के पदाधिकारी, श्रद्धालु और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

आज आरंग पहुंचेगा कांवड़ियों का कारवां

तीन दिवसीय सामाजिक सद्भाव विशाल कांवड़ यात्रा का अंतिम चरण अब समोदा से आरंग की ओर बढ़ेगा। यात्रा 24 अगस्त को बाबा बागेश्वरनाथ की नगरी आरंग पहुंचेगी, जहां इसका समापन होगा। अंतिम दिन भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और विभिन्न समाजों के लोगों के यात्रा में शामिल होने की संभावना है।

चंदखुरी से शुरू हुआ यह कांवड़ियों का कारवां अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ चुका है। 71 किलोमीटर की इस यात्रा ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सद्भाव, समानता और भाईचारे का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाया है।

Show More

Related Articles

Back to top button