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सालभर से नहीं हुई सामान्य सभा, पार्षदों का आरोप—अध्यक्ष गोपाल चतुर्वेदी की सुस्त कार्यशैली से ठप पड़ा नगर विकास

चमन प्रकाश कुर्रे

रायपुर/मंदिर हसौद। नगर पालिका परिषद मंदिर हसौद में लंबे समय से लंबित सामान्य सभा की बैठक को लेकर सियासत अब खुलकर सामने आ गई है। भाजपा पार्षदों की कड़ी चेतावनी और 24 घंटे के अल्टीमेटम के बाद आखिरकार पालिका अध्यक्ष गोपाल चतुर्वेदी बैकफुट पर आते नजर आ रहे हैं। भाजपा पार्षदों का आरोप है कि अध्यक्ष की ढीली, सुस्त और गैरजिम्मेदाराना कार्यशैली के कारण पिछले एक साल से भी अधिक समय से परिषद की सामान्य सभा की बैठक आयोजित नहीं हो पाई है, जिससे नगर के विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।


भाजपा पार्षदों ने बताया कि बैठक बुलाने के लिए वे लगातार अध्यक्ष को लिखित रूप से आग्रह करते रहे हैं। इस संबंध में दिनांक 05 फरवरी 2026 और 11 मार्च 2026 को अध्यक्ष को औपचारिक पत्र भेजकर सामान्य सभा बुलाने की मांग की गई थी। लेकिन इसके बावजूद अध्यक्ष की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
इतना ही नहीं, नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) ने भी प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करते हुए अध्यक्ष को 16 फरवरी 2026 और 18 फरवरी 2026 को नस्ती प्रस्तुत कर बैठक बुलाने का प्रस्ताव भेजा था। भाजपा पार्षदों का आरोप है कि अध्यक्ष ने इन प्रस्तावों को भी बिना किसी कारण के तुरंत वापस कर दिया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे जानबूझकर बैठक कराने से बचते रहे।


भाजपा पार्षदों ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का खुला अपमान बताते हुए कहा कि नगर की जनता ने विकास के लिए प्रतिनिधियों को चुना है, लेकिन अध्यक्ष के अड़ियल रवैये के कारण परिषद की सबसे महत्वपूर्ण सामान्य सभा तक आयोजित नहीं हो पा रही है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए भाजपा पार्षदों ने नगरवासियों के हित में कड़ा रुख अपनाया और संचालक नगरीय प्रशासन विभाग नवा रायपुर, जिला कलेक्टर रायपुर तथा थाना मंदिर हसौद को चेतावनी भरा पत्र भेजते हुए 24 घंटे के भीतर सामान्य सभा बुलाने की मांग की थी। पार्षदों ने साफ शब्दों में कहा था कि यदि तय समय के भीतर बैठक नहीं बुलाई गई तो “अध्यक्ष हटाओ, पालिका बचाओ” के नारे के साथ बड़ा आंदोलन किया जाएगा।


भाजपा पार्षदों का कहना है कि इस चेतावनी का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। अध्यक्ष ने अपनी ओर से सोशल मीडिया के माध्यम से स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि उन्होंने 13 मार्च 2026 को CMO को आवेदन भेजकर बैठक से संबंधित एजेंडा और नस्ती प्रस्तुत करने को कहा है। हालांकि पार्षदों का आरोप है कि यह केवल अपनी नाकामी पर पर्दा डालने की कोशिश है।


पार्षदों ने कहा कि CMO द्वारा स्पष्ट रूप से बताया गया है कि वे मीटिंग में व्यस्त थे और बैठक से संबंधित एजेंडा और नस्ती सोमवार को प्रस्तुत की जाएगी। इसके बावजूद अध्यक्ष द्वारा बेवजह CMO पर व्यक्तिगत आरोप लगाकर भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।
भाजपा पार्षदों ने तीखे शब्दों में कहा कि अब सोशल मीडिया के जरिए दी जा रही दलीलों से नगरवासियों को गुमराह नहीं किया जा सकता। नगर की जनता सब कुछ समझ रही है कि आखिर एक साल से सामान्य सभा क्यों नहीं बुलाई जा रही।
पार्षदों का कहना है कि अध्यक्ष की लापरवाही और निष्क्रियता के कारण नगर के कई महत्वपूर्ण विकास कार्य लंबित पड़े हैं। बजट से जुड़े निर्णय, विकास योजनाओं की समीक्षा और नई परियोजनाओं की मंजूरी जैसे अहम मुद्दे सामान्य सभा में ही तय होते हैं, लेकिन बैठक नहीं होने के कारण पूरा प्रशासनिक ढांचा प्रभावित हो रहा है।
नगर के लोगों का भी कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो मंदिर हसौद का विकास रुक जाएगा। भाजपा पार्षदों ने साफ कहा है कि यदि जल्द ही सामान्य सभा की बैठक नहीं बुलाई गई तो वे नगरवासियों के साथ मिलकर बड़े जनआंदोलन का रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेंगे।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आखिर कब तक मंदिर हसौद पालिका परिषद की लंबित सामान्य सभा आयोजित होती है और क्या नगर के विकास से जुड़ी अटकी फाइलें आगे बढ़ पाएंगी या नहीं। फिलहाल भाजपा पार्षदों की चेतावनी के बाद अध्यक्ष का रुख नरम पड़ता दिखाई दे रहा है, लेकिन असली परीक्षा बैठक आयोजित होने

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