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7 अगस्त को राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस पर रायपुर में होगा प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे शुभारंभ

  • पं. दीनदयाल ऑडिटोरियम में स्वदेशी प्रदर्शनी, फैशन शो, सिल्क एक्सचेंज योजना की शुरुआत और 10.90 करोड़ रुपये से अधिक के पुरस्कार-अनुदान का होगा वितरण

चमन प्रकाश केयर (कुर्रे)

रायपुर, । राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस के अवसर पर 7 अगस्त को राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, जी.ई. रोड में प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन एवं ग्रामोद्योग विभाग की स्वदेशी प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह करेंगे, जबकि स्कूल शिक्षा एवं ग्रामोद्योग मंत्री गजेन्द्र यादव अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में राज्य सरकार के कई मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि तथा प्रदेशभर के बुनकर, शिल्पकार और हस्तशिल्प से जुड़े लोग शामिल होंगे।

सुबह 10:30 बजे से अतिथियों का आगमन प्रारंभ होगा। मुख्यमंत्री के आगमन के बाद चलित मोबाइल वैन का शुभारंभ, ग्रामोद्योग विभाग द्वारा आयोजित स्वदेशी प्रदर्शनी का अवलोकन, दीप प्रज्वलन एवं राज्य गीत के साथ कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत होगी। इसके बाद स्वदेशी फैशन शो (रैंप वॉक) के माध्यम से प्रदेश के हाथकरघा एवं हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा।

कार्यक्रम में ग्रामोद्योग विभाग द्वारा इन्वेंट्री मैनेजमेंट सिस्टम का प्रेजेंटेशन, कोशल फैब बिलासा प्रीमियम ब्रांड के नए लोगो का विमोचन, राष्ट्रीय बुनकर द्वारा लिखित पुस्तक का विमोचन तथा सिल्क एक्सचेंज योजना का शुभारंभ एवं प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। साथ ही राज्य के पुरस्कृत बुनकरों एवं शिल्पकारों की डायरेक्टरी का विमोचन भी होगा और अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए जाएंगे।

सम्मेलन में राज्य हाथकरघा संघ के अध्यक्ष भोजराम देवांगन, मंत्री गजेन्द्र यादव तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संबोधन होगा। मुख्यमंत्री अपने उद्बोधन में हथकरघा, हस्तशिल्प एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र के विकास के लिए सरकार की योजनाओं और नई पहलों की जानकारी देंगे।

कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण हथकरघा, रेशम, हस्तशिल्प, माटीकला एवं खादी बोर्ड से जुड़े हितग्राहियों और छात्र-छात्राओं को लगभग 10 करोड़ 90 लाख 95 हजार रुपये की पुरस्कार एवं अनुदान राशि का वितरण रहेगा। इससे प्रदेश के हजारों बुनकरों, शिल्पकारों और कारीगरों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव एवं विजय शर्मा सहित कई मंत्री, सांसद, विधायक, महापौर, विभिन्न बोर्ड एवं निगमों के अध्यक्ष तथा बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ शासन के ग्रामोद्योग विभाग तथा छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।

वर्सन,

छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं ग्रामोद्योग विकास संघ मर्यादित द्वारा राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस के अवसर पर आयोजित प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन एवं स्वदेशी प्रदर्शनी का उद्देश्य प्रदेश के बुनकरों, शिल्पकारों एवं स्वदेशी उत्पादों को व्यापक मंच प्रदान करना है। यह आयोजन बुनकरों के कौशल, परंपरा और नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। विभाग का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के पारंपरिक वस्त्र एवं हस्तशिल्प उत्पादों को आधुनिक विपणन व्यवस्था से जोड़कर देश-विदेश में नई पहचान दिलाई जाए। इसके लिए प्रशिक्षण, डिजाइन विकास, तकनीकी उन्नयन, विपणन सहायता तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ निरंतर बुनकरों तक पहुँचाया जा रहा है।

राजेश सिंह राणा, सचिव ग्रामोद्योग विभाग एवं प्रबंध संचालक, छ. ग. राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन संघ मर्यादित रायपुर

वर्सन,

राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि देश की समृद्ध हस्तकरघा परंपरा, बुनकरों की मेहनत और आत्मनिर्भर भारत की भावना का उत्सव है। छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हाथकरघा बुनकरों को आर्थिक, तकनीकी एवं विपणन के क्षेत्र में अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि उनके उत्पाद राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकें। छत्तीसगढ़ की पारंपरिक बुनाई कला प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर है। इसे संरक्षित एवं विकसित करना शासन की प्राथमिकता है। सरकार बुनकरों की आय बढ़ाने, आधुनिक तकनीक से जोड़ने तथा उनके उत्पादों को नए बाजार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। 7 अगस्त को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में आयोजित प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन एवं स्वदेशी प्रदर्शनी के माध्यम से बुनकरों को सम्मानित करने के साथ-साथ विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। इस अवसर पर उत्कृष्ट बुनकरों को सम्मानित किया जाएगा तथा उनके उत्पादों के विपणन एवं प्रोत्साहन पर विशेष चर्चा होगी। छत्तीसगढ़ की पारंपरिक बुनाई कला प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर है। इसे संरक्षित एवं विकसित करना शासन की प्राथमिकता है।

एम एम जोशी, सचिव छ. ग. राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन संघ मर्यादित रायपुर

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