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नाबालिगों के वाहन चलाने पर ट्रैफिक पुलिस का शिकंजा, स्कूलों में भी सख्ती

300 से अधिक स्कूली बच्चों पर कार्रवाई, अभिभावकों को बुलाकर दी जा रही समझाइश

चमन प्रकाश केयर (कुर्रे)

रायपुर। राजधानी रायपुर में नाबालिगों के वाहन चलाने और स्कूली बच्चों को दोपहिया से स्कूल आने-जाने के मामलों को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। 18 वर्ष से कम उम्र के विद्यार्थियों को वाहन चलाने से रोकने के लिए लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के दौरान अब तक 300 से अधिक स्कूली बच्चों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।

ट्रैफिक पुलिस की ओर से कार्रवाई के साथ-साथ बच्चों के अभिभावकों को भी यातायात मुख्यालय बुलाकर नियमों की जानकारी दी जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नाबालिगों को वाहन उपलब्ध कराने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है, इसलिए अभिभावकों को अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतनी होगी।

स्कूल प्रबंधन को भी जारी किए गए निर्देश

जिला शिक्षा विभाग ने स्कूलों के प्राचार्यों और प्रबंधन को निर्देशित किया है कि 18 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थियों को दोपहिया वाहन चलाकर स्कूल आने की अनुमति न दी जाए। स्कूल में वाहन से पहुंचने वाले बच्चों के अभिभावकों को नोटिस देकर नियमों का पालन कराने के लिए कहा गया है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) आशीष देवांगन ने भी स्कूलों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

स्कूलों के आसपास विशेष जांच अभियान

डीएसपी यातायात एवं प्रोटोकॉल डॉ. अर्चना झा के निर्देशन में शनिवार को गुजराती पब्लिक स्कूल देवेंद्र नगर, द्रोणाचार्य पब्लिक स्कूल और न्यू राजेंद्र नगर क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने स्कूली बच्चों के वाहन चलाने के साथ-साथ ऑटो-रिक्शा में निर्धारित क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को बैठाकर ले जाने के मामलों की भी जांच की।

जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले कई वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस ने कुछ ऑटो-रिक्शा चालकों पर जुर्माना लगाया और संबंधित नाबालिगों के अभिभावकों को बुलाकर मोटरयान अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई की।

प्राचार्यों से कहा- बच्चों को यातायात नियमों के प्रति करें जागरूक

अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने संबंधित स्कूलों के प्राचार्यों से मुलाकात कर विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की। स्कूल प्रबंधन को कहा गया कि बच्चों को नियमित रूप से यातायात नियमों, हेलमेट के उपयोग और नाबालिग अवस्था में वाहन न चलाने के संबंध में जागरूक किया जाए।

ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि नाबालिग वाहन चालकों को सड़क दुर्घटनाओं से बचाना और अभिभावकों को उनकी जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना है। आने वाले दिनों में स्कूलों के आसपास इस तरह की जांच और तेज किए जाने के संकेत दिए गए हैं।

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