
चमन प्रकाश केयर (कुर्रे)
रायपुर। राज्य शासन ने प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत शैलाभ साहू को वन, परिवहन एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप का विशेष सहायक नियुक्त किया है। यह नियुक्ति ऐसे समय में की गई है, जब मंत्री कार्यालय में यह पद पिछले कुछ समय से रिक्त चल रहा था और एक सक्षम व परिणाम देने वाले अधिकारी की तलाश जारी थी।
दरअसल, मंत्री बनने के बाद केदार कश्यप ने अपने विशेष सहायक के रूप में तीर्थराज अग्रवाल को नियुक्त किया था। लेकिन हाल ही में उनके भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में प्रमोट हो जाने के कारण यह पद खाली हो गया था। इसके बाद मंत्री कार्यालय के कार्यों की गति और प्रभावशीलता को बनाए रखने के लिए एक अनुभवी और तकनीकी रूप से दक्ष अधिकारी की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जिसे अब शैलाभ साहू की नियुक्ति के माध्यम से पूरा कर लिया गया है।

शैलाभ साहू वर्ष 2013 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं और प्रशासनिक कार्यों में उनकी कार्यशैली को प्रभावी, तेज़ और परिणामोन्मुखी माना जाता है। अपने अब तक के सेवा काल में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए अपनी अलग पहचान बनाई है। खासकर सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) के क्षेत्र में उनकी गहरी समझ और कार्यकुशलता ने उन्हें प्रशासनिक तंत्र में एक विशेष स्थान दिलाया है।
परिवहन विभाग में पदस्थ रहते हुए शैलाभ साहू ने कई ऐसे कार्य किए, जिनका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिला। ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल और ऑनलाइन बनाने में उनकी अहम भूमिका रही। इसके अलावा वाहन पंजीकरण और अन्य सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में भी उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके प्रयासों के कारण विभाग की कई सेवाएं पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से आम जनता तक पहुंचने लगीं।
मंत्रालय के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) में अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए भी उन्होंने कई नवाचार किए। बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम को प्रभावी ढंग से लागू कराने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिससे सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति प्रणाली अधिक पारदर्शी और अनुशासित बनी। इसके साथ ही ई-ऑफिस प्रणाली को शुरू करने और उसे सफलतापूर्वक लागू करने में भी उनकी भूमिका सराहनीय रही है।
ई-ऑफिस व्यवस्था के जरिए सरकारी कामकाज को कागजरहित और तेज़ बनाने की दिशा में जो पहल की गई, उसमें शैलाभ साहू ने न केवल तकनीकी रूप से योगदान दिया, बल्कि विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को इसके उपयोग की ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी भी निभाई। उनके इस प्रयास से शासन के कामकाज में तेजी आई और फाइलों के निपटारे में लगने वाला समय काफी हद तक कम हुआ।
प्रशासनिक हलकों में शैलाभ साहू को एक ऐसे अधिकारी के रूप में देखा जाता है, जो चुनौतियों को अवसर में बदलने की क्षमता रखते हैं। उनकी कार्यशैली में तकनीक के उपयोग पर विशेष जोर रहता है, जिससे कामकाज में पारदर्शिता और दक्षता दोनों बढ़ती है। यही वजह है कि उन्हें मंत्री कार्यालय में एक महत्वपूर्ण भूमिका के लिए चुना गया है।
मंत्री केदार कश्यप के विशेष सहायक के रूप में अब शैलाभ साहू की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाएगी। इस पद पर रहते हुए वे न केवल मंत्री के विभागीय कार्यों के समन्वय में भूमिका निभाएंगे, बल्कि विभिन्न योजनाओं और निर्णयों को ज़मीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू कराने में भी अहम कड़ी साबित होंगे।
राजनीतिक और प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि शैलाभ साहू की नियुक्ति से मंत्री कार्यालय के कामकाज में और अधिक गति आएगी। उनकी तकनीकी समझ और प्रशासनिक अनुभव का लाभ विभागीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मिलेगा।
कुल मिलाकर, यह नियुक्ति राज्य प्रशासन में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखी जा रही है। शैलाभ साहू के अनुभव, कार्यकुशलता और तकनीकी दक्षता को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि वे अपनी नई जिम्मेदारी में भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे और मंत्री कार्यालय को और अधिक प्रभावी बनाएंगे।



