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Exclusive- तेल संकट के बीच छत्तीसगढ़ की बड़ी पहल: 100 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन बनेंगे, परिवहन विभाग ने तैयार किया रोडमैप


हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव से तेल आपूर्ति और कीमतों पर मंडरा रहे खतरे के बीच छत्तीसगढ़ ने इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों को बढ़ावा देने का लिया बड़ा फैसला, पेट्रोल पंपों पर तेजी से बढ़ेंगे चार्जिंग स्टेशन।


चमन प्रकाश केयर (कुर्रे)

रायपुर l अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव तथा हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर बढ़ते दबाव से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति और कीमतों को लेकर आशंकाएं तेज हो गई हैं। ऐसे समय में छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग ने भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और सीएनजी आधारित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर के नेतृत्व में इंद्रावती भवन में हाल ही में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के महाप्रबंधकों तथा पेट्रोल पंप संचालकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्यभर के पेट्रोल पंपों पर पहले चरण में 80 से 100 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का निर्णय लिया गया।

बैठक में तय किया गया कि प्रत्येक चार्जिंग स्टेशन की स्थापना पर लगभग 7 से 10 लाख रुपये का खर्च आएगा। यह राशि कंपनियों की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) मद से खर्च की जाएगी। इसके लिए परिवहन विभाग और तेल कंपनियों के बीच सहमति भी बन गई है। सभी चार्जिंग स्टेशन ग्रिड नेटवर्क से जुड़े होंगे ताकि वाहन चालकों को निर्बाध चार्जिंग सुविधा मिल सके।

परिवहन विभाग के आयुक्त डी रविशंकर का मानना है कि यदि अधिक से अधिक लोग इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों का उपयोग करेंगे तो पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम होगी, आम लोगों के परिवहन खर्च में कमी आएगी और तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर लोगों की जेब पर नहीं पड़ेगा। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण और स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा।

परिवहन विभाग के अनुसार, पहले चरण की सफलता के बाद राज्यभर में चार्जिंग स्टेशनों का और विस्तार किया जाएगा। विभाग सार्वजनिक परिवहन और निजी वाहनों दोनों के लिए ईवी इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।

क्या होगा फायदा?

  • पहले चरण में 80–100 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन।
  • प्रत्येक स्टेशन पर 7–10 लाख रुपये का CSR निवेश।
  • पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता होगी कम।
  • तेल की बढ़ती कीमतों का असर होगा कम।
  • प्रदूषण में कमी और स्वच्छ ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा।
  • भविष्य में पूरे प्रदेश में चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार।

वर्सन,

“वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए भविष्य के लिए अभी से तैयारी जरूरी है। इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ने से आम नागरिकों के परिवहन खर्च में कमी आएगी और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर लोगों पर कम पड़ेगा। पहले चरण में 80 से 100 चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले समय में पूरे प्रदेश में इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी। यात्रियों की सुविधा और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था के लिए विभाग लगातार नई पहल कर रहा है।”डी. रविशंकर, आयुक्त, छत्तीसगढ़ राज्य परिवहन विभाग



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