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गांधी नगर में भवन निर्माण नियमों की अनदेखी का आरोप, दो मंजिल की अनुमति पर बना दिए तीन तल; सार्वजनिक नाली पर कब्जे का भी दावा

चौथे तल के निर्माण की तैयारी और 15 से 20 फीट तक नाली पर अतिक्रमण का आरोप, जोन-03 के नगर निवेश अधिकारी की भूमिका पर उठे सवाल; आयुक्त बोले– शिकायत मिलने पर होगी नियमानुसार कार्रवाई

रायपुर। राजधानी रायपुर के पंडरी स्थित गांधी नगर में भवन निर्माण नियमों के कथित उल्लंघन और सार्वजनिक नाली पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है। नगर पालिक निगम के गुरु गोविंद सिंह वार्ड अंतर्गत मो. तौकीर खान के भवन निर्माण को लेकर आरोप है कि दो तल की स्वीकृति मिलने के बावजूद मौके पर तीन तल का निर्माण कर लिया गया, जबकि चौथे तल के निर्माण की तैयारी भी की जा रही थी। इसके अलावा भवन निर्माण के दौरान निर्धारित खुली भूमि नहीं छोड़ने और सार्वजनिक नाली पर करीब 15 से 20 फीट तक कब्जा किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित भवन के लिए नगर निगम से केवल दो तल निर्माण की अनुमति स्वीकृत होने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद भवन में तीन तल का निर्माण किए जाने और चौथे तल की तैयारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शिकायत से जुड़े आरोपों में यह भी कहा गया है कि निर्माण के दौरान स्वीकृत नक्शे और निर्धारित मापदंडों का पालन नहीं किया गया। नियमानुसार 2.5 मीटर भूमि खाली छोड़े जाने की बात के बावजूद मौके पर निर्धारित खुली जगह नहीं छोड़े जाने का आरोप है।

सार्वजनिक नाली पर कब्जे से सफाई और जल निकासी प्रभावित होने का दावा

इस मामले का सबसे गंभीर पहलू सार्वजनिक नाली पर कथित अतिक्रमण है। आरोप है कि भवन निर्माण के दौरान नाली की लगभग 15 से 20 फीट तक की जगह पर कब्जा कर लिया गया है। इसके चलते नाली की नियमित सफाई में बाधा उत्पन्न हो रही है और स्थानीय नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यदि सार्वजनिक नाली पर अतिक्रमण की बात जांच में प्रमाणित होती है तो यह न केवल नगर निगम की व्यवस्था, बल्कि आसपास के नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं से भी जुड़ा गंभीर विषय है।

जोन-03 के नगर निवेश अधिकारी की भूमिका पर सवाल

पूरे मामले में नगर निगम जोन क्रमांक-03 के नगर निवेश विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि संबंधित भवन को लेकर पहले नोटिस जारी किया गया, लेकिन इसके बाद प्रभावी वैधानिक कार्रवाई करने के बजाय राजीनामे जैसी प्रक्रिया के जरिए मामले को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि भवन निर्माण की स्वीकृति, मौके पर हुए निर्माण और सार्वजनिक नाली की स्थिति को लेकर निगम के संबंधित अधिकारियों ने अब तक क्या कार्रवाई की है।

शिकायत मिलने पर होगी नियमानुसार कार्रवाई : क्षीरसागर नायक

इस संबंध में नगर निगम जोन क्रमांक-03 के आयुक्त क्षीरसागर नायक ने कहा कि फिलहाल इस मामले को लेकर उनके पास कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। जैसे ही शिकायत की प्रति प्राप्त होगी, उसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि इस संबंध में कोई शिकायत हुई होगी तो पहले उसका अवलोकन किया जाएगा और तथ्यों के आधार पर तय किया जाएगा कि किस प्रकार की कार्रवाई की जानी है।

जांच और कार्रवाई की मांग

मामले को लेकर नगर निगम प्रशासन से मांग की जा रही है कि संबंधित भवन का तकनीकी निरीक्षण कर स्वीकृत नक्शे और वास्तविक निर्माण का मिलान कराया जाए। साथ ही, सार्वजनिक नाली की नापजोख कराकर कथित अतिक्रमण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। यदि अतिक्रमण या अवैध निर्माण की पुष्टि होती है तो नियमानुसार उसे हटाने और संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही जोन-03 के नगर निवेश विभाग की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि नोटिस जारी होने के बाद आगे की कार्रवाई में देरी क्यों हुई।

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