ग्रामोद्योग सचिव राजेश सिंह राणा के नेतृत्व में हाईटेक तकनीकी वस्त्रों से युवाओं को रोजगार की नई राह, छत्तीसगढ़ को नई पहचान दिलाने की तैयारी

तकनीकी वस्त्रों में छत्तीसगढ़ बनेगा नवाचार और कौशल का केंद्र राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन पर बड़ा फैसला, उद्योगों से जुड़ेंगे आईटीआई व तकनीकी संस्थान; युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण और रोजगार का अवसर
चमन प्रकाश केयर (कुर्रे)
रायपुर, | छत्तीसगढ़ में तकनीकी वस्त्रों के क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार, उद्योग और कौशल विकास को एक साथ जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन (एनटीटीएम) के प्रभावी क्रियान्वयन तथा राज्य में तकनीकी वस्त्रों के क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में तकनीकी शिक्षा संस्थानों, विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और उद्योगों के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करने तथा तकनीकी वस्त्रों को रोजगार और औद्योगिक विकास से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में उद्योग विभाग, तकनीकी शिक्षा संचालनालय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय, आईआईटी भिलाई, एनआईटी रायपुर, एनआईएफटी रायपुर, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान सहित हथकरघा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन के अंतर्गत अनुसंधान, नवाचार एवं विकास, प्रोत्साहन एवं बाजार विकास तथा शिक्षा, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में राज्यों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। छत्तीसगढ़ में इन अवसरों का अधिकतम लाभ लेने के लिए तकनीकी महाविद्यालयों और उद्योगों के बीच सीधा संपर्क विकसित करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत तकनीकी वस्त्र सम्मेलन आयोजित कर तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों, उद्योग प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों को एक मंच पर लाया जाएगा। उद्योगों की जरूरत के अनुसार विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें उद्योग आधारित प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा। प्रारंभिक रूप से प्रत्येक तकनीकी संस्थान से 10-10 विद्यार्थियों को ऐसे अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को तकनीकी वस्त्रों के वास्तविक औद्योगिक उपयोग का अनुभव मिल सके और उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध हो।
बैठक में हथकरघा और टेक्सटाइल गतिविधियों वाले क्षेत्रों में वस्त्र प्रशिक्षण संस्थान तथा उद्योग से जुड़े वस्त्र प्रशिक्षण केंद्र विकसित करने की संभावनाओं पर भी काम करने का निर्णय लिया गया। प्रथम चरण में कोरबा, रायगढ़, जांजगीर-चांपा और बिलासपुर जिलों में संचालित गतिविधियों की जरूरत के अनुसार आईटीआई को उद्योगों से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगारोन्मुख तकनीकी प्रशिक्षण मिलने के साथ टेक्सटाइल उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। वहीं राज्य के विश्वविद्यालयों, आईआईटी भिलाई, एनआईटी रायपुर, कृषि विश्वविद्यालय, एनआईएफटी रायपुर सहित अन्य तकनीकी संस्थानों को तकनीकी वस्त्रों से जुड़े उपयोग आधारित अनुसंधान, उत्पाद विकास, परीक्षण, नवाचार और प्रयोगात्मक परियोजनाओं के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। कृषि, अधोसंरचना, जल प्रबंधन, स्वास्थ्य, सुरक्षा, पर्यावरण, पैकेजिंग और ग्रामीण आजीविका जैसे क्षेत्रों में स्थानीय जरूरतों के अनुरूप तकनीकी वस्त्र आधारित समाधान विकसित करने पर जोर रहेगा।
राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और नियमित निगरानी के लिए राज्य में परियोजना प्रबंधन इकाई स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है। इस इकाई के माध्यम से तकनीकी संस्थानों और उद्योगों से परियोजना प्रस्ताव प्राप्त करने, उन्हें मिशन की निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार तैयार कर भारत सरकार के समक्ष प्रस्तुत करने तथा स्वीकृत परियोजनाओं की निगरानी की व्यवस्था विकसित की जाएगी। राज्य स्तर पर तकनीकी वस्त्रों के क्षेत्र में समन्वय के लिए ग्रामोद्योग विभाग में नोडल अधिकारी नियुक्त करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।

- वर्सन,
- “छत्तीसगढ़ में तकनीकी वस्त्रों के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं। हमारा प्रयास है कि तकनीकी शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और उद्योगों के बीच मजबूत समन्वय स्थापित हो। विद्यार्थियों को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों और व्यावहारिक उपयोग से जोड़ने के लिए उद्योग आधारित प्रशिक्षण पर काम किया जाएगा। साथ ही वस्त्र प्रशिक्षण संस्थानों और उद्योग से जुड़े प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण देने तथा अनुसंधान, नवाचार, उत्पाद विकास और प्रयोगात्मक परियोजनाओं को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान रहेगा। राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए परियोजना प्रबंधन इकाई और नोडल व्यवस्था से परियोजनाओं की निगरानी तथा विभिन्न संस्थानों के बीच समन्वय को और मजबूत किया जाएगा।”
राजेश सिंह राणा, सचिव, ग्रामोद्योग विभाग



