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ई-चालान के नाम पर साइबर ठगी का खतरा, परिवहन विभाग ने केंद्र से मांगी कार्रवाई की गाइडलाइन

चमन प्रकाश केयर (कुर्रे)
रायपुर। ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर जारी होने वाले ई-चालान को लेकर अब साइबर ठगी का नया खतरा सामने आया है। निजी वेबसाइटों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए वाहन चालकों को ई-चालान भुगतान के संदेश भेजे जाने की शिकायतों ने परिवहन विभाग और पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवहन विभाग ने संबंधित स्तर पर सतर्कता बढ़ाने और आवश्यक कार्रवाई के लिए मार्गदर्शन लेने की प्रक्रिया शुरू की है।
छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग के सचिव-सह-परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई बैठक में सड़क सुरक्षा, पीएम राहत योजना और ई-चालान से जुड़े विषयों की समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि कुछ निजी वेबसाइट और प्लेटफॉर्म वाहन चालकों को चालान भुगतान से संबंधित संदेश भेज रहे हैं। ऐसे संदेशों की विश्वसनीयता को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
निजी प्लेटफॉर्म के जरिए भेजे जा रहे भुगतान संदेश
बैठक में पुलिस विभाग की ओर से जानकारी दी गई कि पिछले कुछ दिनों से नागरिकों के मोबाइल पर निजी वेबसाइटों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से ई-चालान भुगतान के संदेश पहुंचने की शिकायतें सामने आई हैं। इनमें ब्लिकइन्फो, कैरइन्फो, एनएक्सएस कार, पार्कप्लस, व्हीकलपीएस, ड्राइवएक्सएस, मेमोटर, कार्स24 और अन्य निजी प्लेटफॉर्म शामिल बताए गए।
अधिकारियों के अनुसार, इन प्लेटफॉर्म से चालान भुगतान के संबंध में संदेश भेजे जाने की जानकारी सामने आने के बाद मामले की पड़ताल और आवश्यक कार्रवाई की जरूरत महसूस की गई है।
केंद्र से मांगा जाएगा मार्गदर्शन
बैठक में परिवहन सचिव को निर्देश दिए गए कि इस संबंध में भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से आवश्यक दिशा-निर्देश और कार्रवाई संबंधी मार्गदर्शन प्राप्त किया जाए। इससे यह स्पष्ट किया जा सकेगा कि निजी प्लेटफॉर्म द्वारा ई-चालान से संबंधित संदेश भेजने की प्रक्रिया किस स्तर तक अधिकृत है और अनधिकृत गतिविधियों पर क्या कार्रवाई की जा सकती है।
वाहन चालकों से सतर्क रहने की अपील
अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि ई-चालान के नाम पर मोबाइल पर आने वाले किसी भी संदिग्ध लिंक या संदेश पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। भुगतान करने से पहले चालान की वास्तविकता और आधिकारिक माध्यम की पुष्टि करना जरूरी है। साइबर ठगी से बचने के लिए अज्ञात लिंक पर व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करने की सलाह भी दी गई।
बैठक में एम.आर. अहिरे, डीआईजी, अर्चना झा, डीसीपी ट्रैफिक रायपुर, यशंत कुमार, संबंधित पुलिस अधिकारी, रामराव, वरिष्ठ निदेशक एनआईसी, अमित देवांगन, एनआईसीआई तथा स्वास्थ्य विभाग के डॉ. गवई सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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