
सामाजिक समरसता, समानता और मानवता का संदेश लेकर 18 से 22 फरवरी तक ऐतिहासिक यात्रा
चमन प्रकाश l
रायपुर, छत्तीसगढ़। सतनामी समाज की आस्था, एकता और सामाजिक समरसता के पावन उद्देश्य को लेकर राजधानी रायपुर से पवित्र गिरौदपुरी धाम तक 18 से 22 फरवरी 2026 के बीच “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का आयोजन किया जा रहा है। यह पदयात्रा “बोल रहा अब हिंदुस्तान, मनखे–मनखे एक समान” के मूल संदेश के साथ समाज में भाईचारा, समानता और मानवता के मूल्यों को सुदृढ़ करने का संकल्प लेकर आगे बढ़ेगी।

इस ऐतिहासिक पदयात्रा का नेतृत्व छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब करेंगे। यात्रा को प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा श्वेत झंडा दिखाकर रवाना किया जाएगा।
गुरु परंपरा के आशीर्वाद में समरसता का महाअभियान
यह पदयात्रा परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा के मानवतावादी संदेश “मनखे-मनखे एक समान” को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम का आयोजन गुरु परंपरा के मार्गदर्शन में, राजागुरु एवं धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब के सानिध्य में संपन्न होगा।

आयोजकों के अनुसार यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, नैतिक मूल्यों और समरस समाज के निर्माण का एक व्यापक जनअभियान है।
5 दिनों में 145 किलोमीटर की पदयात्रा
पदयात्रा का शुभारंभ 18 फरवरी 2026 को प्रातः 8:00 बजे सतनाम भवन, मोवा (रायपुर) से होगा।
पांच दिवसीय यह यात्रा लगभग 145 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए 40 से अधिक गांवों और नगरों से होकर गुजरेगी और 22 फरवरी को गिरौदपुरी धाम में समापन होगा।

यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा स्वागत, जनसंवाद और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
संस्कृति, सेवा और जागरूकता का संगम
पदयात्रा के मार्ग में अनेक सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिनमें शामिल हैं—
पंथी नृत्य एवं सतनाम परंपरा पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां सतनाम अखाड़ा प्रदर्शन, धूमाल, भजन-कीर्तन एवं आध्यात्मिक आयोजन, समरसता भोज के माध्यम से सामाजिक एकता का संदेश नशामुक्ति, स्वच्छता, शिक्षा एवं संस्कार पर जनजागरण कार्यक्रम
इन आयोजनों का उद्देश्य केवल धार्मिक श्रद्धा प्रकट करना नहीं, बल्कि समाज में नैतिक चेतना और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना है।

“समरस समाज निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक पहल” — गुरु खुशवंत साहेब
कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि यह पदयात्रा समाज को जोड़ने का एक व्यापक प्रयास है। यह आयोजन गुरु घासीदास बाबा जी के समता-दर्शन को व्यवहारिक रूप देने का अभियान है, जो जाति, वर्ग और भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता को सर्वोपरि मानने का संदेश देता है। उन्होंने समस्त सतनामी समाज, प्रदेशवासियों और श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में सहभागी बनकर इस पदयात्रा को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया।
छत्तीसगढ़ से उठेगा समरसता का महासंदेश
“विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” को सामाजिक एकता का नया अध्याय माना जा रहा है। रायपुर से गिरौदपुरी तक गूंजने वाला संदेश —“मनखे-मनखे एक समान” —
सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि समानता, सहअस्तित्व और मानव गरिमा पर आधारित समाज निर्माण का संकल्प है।



