माना वार्ड-8 के कांग्रेस पार्षद निकला जमीन फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड! मृतक व्यक्ति के फर्ज़ी वंशावली बनाकर करोड़ों की जमीन बेचने के आरोप में अभनपुर पुलिस ने मनोरंजन मंडल को किया गिरफ्तार

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चमन प्रकाश
रायपुर। अभनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पचेड़ा में जमीन फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है, जहां खसरा नंबर 70, रकबा 1.60 हेक्टेयर भूमि को लेकर सुनियोजित तरीके से हेराफेरी की गई। इस मामले में माना कैंप वार्ड-8 के पार्षद मनोरंजन मंडल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
🔴 शिकायतकर्ता सरित बरई ने खोली पोल
इस पूरे घोटाले का खुलासा शिकायतकर्ता सरित बरई की शिकायत के बाद हुआ। उन्होंने दस्तावेजों के साथ पुलिस और एसडीएम में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि फर्जी कागजात के आधार पर जमीन को हड़पने की साजिश रची गई।

🔴 मृत व्यक्ति के नाम पर रचा गया पूरा खेल
जांच में सामने आया कि एक संदिग्ध मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर पूरा फर्जीवाड़ा किया गया। इसमें स्वर्गीय विष्णु पद मंडल की मृत्यु 16 मार्च 1997 दर्शाई गई और उसी के आधार पर आरोपी ने खुद को वारिस बताकर वर्ष 2024 में जमीन अपने नाम करा ली।
🔴 असल मालिक और दस्तावेज में बड़ा अंतर
सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि जमीन के असली मालिक का नाम विष्णु प्रसाद मंडल है, जबकि प्रस्तुत दस्तावेज में विष्णु पद मंडल लिखा गया है। दोनों के नाम और पारिवारिक विवरण अलग होने के बावजूद दस्तावेज मान्य कर दिए गए।
🔴 मोवा निवासी हामिदा खान की भूमिका भी संदिग्ध
इस फर्जीवाड़े में रायपुर के प्रगति नगर पंडरी निवासी हामिदा खान (पति नासिर खान) का नाम भी सामने आया है। आरोप है कि उनके साथ मिलकर फर्जी विक्रय पत्र तैयार किया गया और जमीन को एक करोड़ों में बेच दिया l

🔴 28 साल बाद नामांतरण पर उठे सवाल
यदि मृत्यु 1997 में हो चुकी थी, तो 28 वर्षों तक नामांतरण क्यों नहीं हुआ? और अचानक 2024 में ही यह प्रक्रिया कैसे पूरी हो गई—यह सवाल अब जांच का सबसे बड़ा विषय बन गया है।
🔴 पुलिस की बड़ी कार्रवाई—पार्षद गिरफ्तार
अभनपुर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी पार्षद मनोरंजन मंडल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है l फिलहाल इस मामले को लेकर पुलिस की जाँच पड़ताल जारी और इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

🔴 राजस्व विभाग की भूमिका पर भी सवाल
बिना गहन जांच के नामांतरण और पंजीयन कैसे हुआ, इस पर राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया पर भी गंभीर शंका जताई जा रही है।
🔴 बड़ा जमीन घोटाला होने की आशंका
यह मामला केवल एक जमीन तक सीमित नहीं है। इस तरह के फर्जी दस्तावेजों के जरिए और भी संपत्तियों पर कब्जा किया गया हो सकता है।
🔴 जल्द हो सकते हैं और बड़े खुलासे
पुलिस द्वारा दस्तावेजों की जांच और किये गए पूछताछ में संभावना जताई जा रही है कि इस मामले में और भी कई बड़े अधिकारी सहित कांग्रेस के रसूखदार लोगों नाम सामने आ सकते हैं और बड़ा नेटवर्क उजागर हो सकता है।
वर्सन,
आजकल जमीन के फर्जीवाड़ा काफी ज्यादा बढ़ गई है और इस मामले की भकन होने के बाद मेरे द्वारा एसडीएम थाना प्रभारी पुलिस अधीक्षक के पास शिकायत किया गया था कि मनोरंजन मंडल के द्वारा कुटरचित दस्तावेजों के आधार पर पचेड़ा स्थित 4 एकड़ जमीन को अपने नाम में कर कर बेचा गया है l जिसके आधार पर पुलिस ने कार्यवाही की हैl
सरित बरई, शिकायतकर्ता
वर्सन,
शिकायतकर्ता सरित बरई माना निवासी के द्वारा एसडीएम कार्यालय में फर्जी दस्तावेजों के जरिए पचेड़ा के जमीन को फर्जी वंशावली के आधार पर अपने नाम में कराकर बेचने की शिकायत हुई थी l जिसकी जांच पड़ताल राजस्व विभाग के अधिकारियों के द्वारा की गई थी l जिसके आधार पर आरोपी माना निवासी वार्ड पार्षद मनोरंजन मंडल के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 338, 336(3), 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्यवाही की गई है l इस मामले में जुड़े हुए दास्तांवेजों की जांच पड़ताल जारी है जिसके आधार पर कई लोगों की गिरफ्तारी होने की संभावना हैl
सत्येंद्र सिंह श्याम, थाना प्रभारी अभनपुर
अभनपुर थाना क्षेत्र के पचेड़ा का यह मामला न केवल जमीन माफियाओं की सक्रियता को उजागर करता है, बल्कि सिस्टम की खामियों को भी सामने लाता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि इस घोटाले के पीछे छिपे अन्य चेहरे कब तक बेनकाब होते हैं।



