
चमन प्रकाश l
रायपुर। छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग में सरकारी विज्ञापन के नाम पर करोड़ों रुपये के खेल का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिले दस्तावेज बताते हैं कि बीते एक वर्ष में इवेंट क्राफ्ट इंटरटेनमेंट नामक एक निजी कंपनी को 12 करोड़ 61 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि का भुगतान किया गया।

RTI दस्तावेजों के अनुसार, इस कंपनी को प्रति माह औसतन एक करोड़ रुपये से अधिक की विज्ञापन राशि दी गई। आरोप है कि इस दौरान कई वेबसाइटों और यूट्यूब चैनलों के हक की रकम काटकर एक ही कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।
सूत्रों का कहना है कि
विज्ञापन आवंटन में न कोई पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई
न ही मीडिया चयन के मापदंड सार्वजनिक किए गए
और न ही छोटे–मध्यम मीडिया संस्थानों को समान अवसर मिला
सरकारी विज्ञापन नीति को ताक पर रखकर किए गए इस भुगतान ने जनसंपर्क विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि RTI से खुलासा होने के बावजूद
अब तक न विभागीय स्तर पर जवाब आया है, न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी ने स्थिति स्पष्ट की है।
RTI के आंकड़े साफ इशारा कर रहे हैं कि—
👉 क्या सरकारी खजाने से चुनिंदा कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया?
👉 क्या उच्चस्तरीय संरक्षण में यह विज्ञापन खेल चलता रहा?
👉 और क्या इस करोड़ों के भुगतान की निष्पक्ष जांच होगी?
अब सवाल सिर्फ भ्रष्टाचार का नहीं, जनता के पैसे की जवाबदेही का है।
निगाहें सरकार और जांच एजेंसियों पर टिकी हैं।



