
झूठे मुकदमे में फंसाने की दी धमकी, थाने में शिकायत दर्ज
चमन प्रकाश।
राजधानी रायपुर में स्वतंत्र पत्रकारिता पर दबाव और धमकी का गंभीर मामला सामने आया है। फर्जी गौशाला से जुड़ी खबर की रिपोर्टिंग रोकने के उद्देश्य से एक युवा पत्रकार को फोन पर धमकी देने, ब्लैकमेल करने और झूठे मुकदमे में फंसाने की चेतावनी देने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित पत्रकार ने पुरानी बस्ती थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए अपनी सुरक्षा की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यज्ञ सिंह ठाकुर, जो बेबाक संवाद न्यूज़ यूट्यूब चैनल के संचालक हैं तथा दैनिक छगवॉच समाचार पत्र में नगर संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं, समाचार संकलन के सिलसिले में जा रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल नंबर 6260466462 पर दुर्ग निवासी प्रभांक ठाकुर का फोन आया, जो स्वयं को राधाकृष्णालय लोक न्यास ट्रस्ट का सचिव एवं पेशे से अधिवक्ता बताते हैं।
आरोप है कि फोन कॉल के दौरान प्रभांक ठाकुर ने पत्रकार को धमकाते हुए कहा कि यदि ट्रस्ट या उससे जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ कोई भी खबर प्रकाशित की गई, तो उन्हें पुलिस केस में फंसा दिया जाएगा। इसके साथ ही जान से मारने की धमकी देते हुए अदालतों के चक्कर लगवाने की चेतावनी भी दी गई।

बताया जा रहा है कि पत्रकार को एक कथित गौशाला के फर्जी तरीके से संचालन की जानकारी मिली थी, जिसका संचालन संत अभिरामदास उर्फ अमनदत्त ठाकुर द्वारा किया जा रहा है। इसी मामले से संबंधित तथ्य जुटाने और समाचार प्रकाशित करने की तैयारी के दौरान दबाव बनाने तथा खबर को रोकने के उद्देश्य से यह धमकी दी गई, ताकि कथित फर्जी गौशाला का मामला सार्वजनिक न हो सके।

लगातार मिल रही धमकियों से मानसिक रूप से आहत होकर पत्रकार ने पुरानी बस्ती थाना में लिखित शिकायत प्रस्तुत की है। शिकायत में मोबाइल कॉल का विवरण, आरोपित व्यक्ति का नाम एवं धमकी का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। मामले को सीएसपी पुरानी बस्ती द्वारा संज्ञान में लेते हुए जांच का आश्वासन दिया गया है।
पत्रकार ने अपनी शिकायत में यह भी स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में उन्हें या उनके परिवार को किसी भी प्रकार की शारीरिक या मानसिक क्षति पहुंचती है, तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी ट्रस्ट के सचिव एवं संबंधित व्यक्तियों की होगी। उन्होंने निष्पक्ष जांच, आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई और स्वयं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
घटना ने एक बार फिर पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता पर खड़े हो रहे सवालों को उजागर कर दिया है।



