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मोवा ओवर ब्रिज पर लगातार हादसों ने बढ़ाई चिंता डिवाइडर निर्माण की मांग पर मिली सहमति, उपमुख्यमंत्री ने दिए तत्काल निर्देश

चमन प्रकाश
रायपुर। राजधानी रायपुर के मोवा ओवर ब्रिज पर हो रहे लगातार सड़क हादसों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। तेज रफ्तार वाहनों, लेन अनुशासन की कमी और बीच डिवाइडर के अभाव के कारण यहां दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए पूर्व अध्यक्ष जोन क्रमांक-03 एवं पार्षद डॉ. प्रमोद साहू ने उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री माननीय अरुण साव से मुलाकात कर डिवाइडर निर्माण की मांग रखी।
बैठक के दौरान डॉ. साहू ने मंत्री जी के समक्ष विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मोवा ओवर ब्रिज कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ता है और यहां से रोजाना हजारों वाहनों का आवागमन होता है। ब्रिज के मध्य में पुख्ता डिवाइडर नहीं होने के कारण वाहन अक्सर विपरीत लेन में कट कर निकल जाते हैं, जिससे अचानक टकराव की स्थितियां बनती हैं। स्थानीय लोगों, राहगीरों और वाहन चालकों ने कई बार इस समस्या को उठाया है और प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है।
इस गंभीर मुद्दे को सुनने के बाद उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनहित और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए जल्द से जल्द डिवाइडर निर्माण का प्रस्ताव, तकनीकी सर्वे और कार्य योजना तैयार कर कार्यवाही शुरू की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि डिवाइडर निर्माण के साथ सड़क सुरक्षा संकेतक, रिफ्लेक्टर, स्ट्रीट लाइट और यातायात सुधार संबंधी अन्य उपाय भी सुनिश्चित किए जाएंगे ताकि आने वाले दिनों में इस मार्ग पर दुर्घटनाओं की संख्या कम हो सके।
स्थानीय नागरिकों ने इस पहल का स्वागत किया है। राहगीरों का कहना है कि यदि डिवाइडर का निर्माण जल्द होता है तो न केवल हादसों में कमी आएगी बल्कि ट्रैफिक भी अधिक व्यवस्थित होगा। व्यापारियों, छात्रों और आम नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि सरकार की इस त्वरित पहल से लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान होगा।
डॉ. प्रमोद साहू ने मंत्री जी के सकारात्मक रुख के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सिर्फ विकास से जुड़ा मामला नहीं बल्कि आम जनता की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रशासन जल्द ही ठोस कदम उठाएगा और मोवा ओवर ब्रिज सुरक्षित यातायात मार्ग के रूप में स्थापित होगा।
अब सभी की निगाहें प्रशासनिक प्रक्रिया और जल्द शुरू होने वाले निर्माण कार्य पर टिकी हैं। यदि तय समय सीमा में कार्य पूरा हो जाता है तो यह रायपुर शहर के लिए एक बड़ी राहत और महत्वपूर्ण सुरक्षा उपलब्धि साबित होगी।

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