हाथकरघा संघ में सचिव एम.एम. जोशी की मनमानी थमने का नाम नहीं ? राजाराम देवांगन का ट्रांसफर बना सिर्फ दिखावा!

राजाराम देवांगन का ट्रांसफर बना सिर्फ दिखावा!
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ में प्रशासनिक लापरवाही, संदिग्ध निर्णयों और नियमों की अनदेखी का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। 28 लाख रुपये के चर्चित धागा चोरी प्रकरण में सवालों के घेरे में आए गोदाम प्रभारी राजाराम देवांगन के ट्रांसफर को लेकर सचिव एम.एम. जोशी द्वारा की गई कार्रवाई अब “दिखावटी” साबित होती नज़र आ रही है। हथकरघा संघ के कर्मचारी राजाराम देवांगन के कार्यकाल के दौरान 28 लाख रुपये के धागा चोरी का मामला सामने आने के बाद सचिव एम.एम. जोशी ने 23 दिसंबर 2025 को आनन-फानन में बिना प्रबंध संचालक के अनुमोदन बगैर ही एक ट्रांसफर आदेश जारी किया था।

जारी ट्रांसफर आदेश में राजाराम देवांगन को गोदाम प्रभारी के पद से हटाकर राजेंद्र नगर कार्यालय भेजने और उनकी जगह गोविंद देवांगन को नया गोदाम प्रभारी बनाने का आदेश जारी की गई थी। लेकिन हैरानी की बात यह है कि आदेश के 15 दिन बीत चुके हैं, फिर भी नए प्रभारी ने चार्ज नहीं संभाला और न ही पुराने प्रभारी राजाराम देवांगन को कार्यमुक्त किया गया।
जिस गोदाम का चार्ज आधिकारिक रूप से राजाराम के पास नहीं है, वहीं वे आज भी बैठ रहे हैं। पूर्व गोदाम प्रभारी रामकिसुन देवांगन पर कार्यालय के अधिकारियों का आदेश हैं कहकर चार्ज देने के लिए दबाव भी बनाया जा रहा हैं |

राजाराम देवांगन तात्कालिक गोदाम प्रभारी
अब सवाल यह खड़ा हो रहा है कि—

सचिव एम एम जोशी,
यदि ट्रांसफर आदेश वैध है तो कार्रवाई लागू क्यों नहीं हो रही? और यदि आदेश सिर्फ दिखावा था तो इसे जारी क्यों किया गया? इसे लेकर हाथकरघा संघ में सचिव एम.एम. जोशी की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है।
इस आदेश में राजाराम देवांगन को गोदाम प्रभारी के पद से हटाकर राजेंद्र नगर कार्यालय के विपणन एवं वसूली कक्ष का प्रभार सौंपने का निर्देश दिया गया, वहीं उनकी जगह गोविंद देवांगन को नया गोदाम प्रभारी नियुक्त किया गया। लेकिन आरोप है कि यह आदेश केवल मीडिया को शांत करने और मामले को दबाने के लिए “दिखावटी कार्रवाई” साबित हो रहा है।
अभी तक नए गोदाम प्रभारी गोविंद देवांगन ने चार्ज नहीं संभाला है और न ही राजाराम देवांगन को गोदाम से कार्यमुक्त किया गया है। जबकि यह भी बताया जा रहा है कि राजाराम देवांगन के पास वर्तमान में डूमरतराई गोदाम का अधिकृत चार्ज भी नहीं है।
ऐसे में यह बड़ा सवाल खड़ा होता है कि—
जब ट्रांसफर हो चुका है, चार्ज नहीं है, तो 15 दिन बीत जाने के बाद भी राजाराम गोदाम में क्यों बैठे हैं?
उन्हें कार्यमुक्त क्यों नहीं किया गया?
और सचिव एम.एम. जोशी नियमों को दरकिनार कर इस तरह की मनमानी क्यों कर रहे हैं?
इन परिस्थितियों ने पूरे विभाग की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। जानकारों का कहना है कि यदि स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो विभाग की विश्वसनीयता और भी प्रभावित होगी। फिलहाल पूरे मामले को लेकर कर्मचारी व संबंधित अधिकारियों के बीच चर्चा तेज है और सभी की निगाहें अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैंl

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित रायपुर में हुए करोड़ों के धागा घोटाले जैसे मामलों के बीच भनपुरी स्थित केन्द्रीय भंडारण निगम-3 के गोदाम से करीब 9,600 किलो यानी लगभग 28 लाख रुपये मूल्य के धागे की चोरी का मामला फिर चर्चा में है। यह चोरी उस समय हुई जब राजाराम देवांगन गोदाम प्रभारी थे। घटना 22 जून 2024 की है, लेकिन इस मामले में एफआईआर 19 अक्टूबर 2024 को दर्ज हुई, जिससे शुरुआत से ही संदिग्ध परिस्थितियाँ सामने आयी ।

एफआईआर और जांच में चौकाने वाली बात यह रही कि जहाँ चोरी हुई वहां न तो ताला टूटा और न ही सेंधमारी के निशान मिले, जबकि गोदाम की चाबी खुद प्रभारी के पास थी। पुलिस ने आरोपी मिथलेश श्रीवास से 63 बंडल धागा बरामद किया, जबकि 97 बंडल आज भी गायब हैं। इसके बावजूद विभाग ने राजाराम देवांगन को फिर से उसी गोदाम प्रभारी की जिम्मेदारी सौंप दी गयी थी , जिससे अधिकारियों की भूमिका, कार्यप्रणाली, तथा वित्तीय अनुशासन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
मामले पर विभागीय जांच और आगे की कार्रवाई का इंतजार है, जबकि बुनकरों और कर्मचारियों के बीच नाराजगी बढ़ती जा रही है।

“वर्सन”
मेरे पास वर्तमान में गोदाम के स्टॉक का कोई प्रभार नहीं है। मेरे स्थान पर गोविंद देवांगन को भेजा गया है, अतः चार्ज भी उन्हें ही लेना चाहिए। किंतु मेरे ट्रांसफर होने के बाद भी कार्यालय द्वारा मुझे ही चार्ज लेने के लिए कहा गया, इसलिए मैं निर्देशानुसार चार्ज ले रहा हूँ। किस अधिकारी ने यह निर्देश दिया, उनकी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। गोदाम से कार्यमुक्त होने के पश्चात मैं यहाँ से प्रस्थान करूँगा तथा गोदाम से कार्यमुक्ति की औपचारिकता नवीन गोदाम प्रभारी गोविंद देवांगन द्वारा की जाएगी |
राजाराम देवांगन तात्कालिक गोदाम प्रभारी
“वर्सन”
मेरे पास वर्तमान में वस्त्र स्टॉक का प्रभार है, जिसका चार्ज हस्तांतरण राजाराम देवांगन द्वारा मुझसे गणना कराकर कराया जा रहा है। जबकि नियम अनुसार यह प्रक्रिया नवीन प्रभारी गोविंद देवांगन के माध्यम से की जानी चाहिए तथा गणना कराकर चार्ज भी उन्हें ही लेना चाहिए। इसके बावजूद निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत मुझसे ही गणना कराकर चार्ज लिया जा रहा है।
रामकिसुन देवांगन पूर्व गोदाम प्रभारी
“वर्सन”
मुझे अभी तक कार्यालय से कार्यमुक्त नहीं किया गया है। कार्यमुक्ति आदेश प्राप्त होने के उपरांत ही मैं नियमानुसार गोदाम का कार्यभार ग्रहण करने जाऊँगा।
गोविंद देवांगन नवीन गोदाम प्रभारी
नवीन गोदाम प्रभारी की नियुक्ति को लेकर कर्मचारियों के ट्रांसफर आदेश जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद संबंधित कर्मचारी न तो गोदाम का चार्ज ग्रहण कर रहे हैं और न ही उन्हें अब तक कार्यमुक्त किया गया है।
वहीं इस पूरे मामले को लेकर जब पर छ. ग. राज्य विपणन सहकारी मर्या. संघ रायपुर के सचिव एम एम जोशी, सवाल करने पर केवल इतना कहा कि अभी मैं अस्पताल में हूँ और इस समय बात नहीं कर पाऊँगा इतना कहकर उन्होंने फोन काट दिए ।

अब सवाल यह खड़ा होता है कि जिस अधिकारी सचिव एम एम जोशी, ने कर्मचारियों के नवीन ट्रांसफर लिस्ट जारी कर तत्काल प्रभाव से लागू करने की आदेश किए हैं, वह आदेश पंद्रह दिन बीत जाने के बाद भी कर्मचारियों को कार्यमुक्त नही किया जा रहा हैं | इसे लेकर अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना बयान और कार्यों के प्रति की जा रही उदासीनता के चलते हाथकरघा संघ में कई नए – नए विवाद खड़े हो रहे हैं |



